तैमूरपुर को किया सैनिटाइज, पूरा गांव लॉकडाउन

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कलानौर, 25 मार्च 2020 – (रोहतक)। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार हमारे देश की 70 फीसदी आबादी ग्रामीण अंचल में बसती है। गावों से होकर ही शहरों का रास्ता निकलता है। इसलिए गांवों को भी किसी कीमत पर प्राकृतिक आपदा या फिर कोरोना वायरस जैसी बीमारियों के सामने दरकिनार नहीं किया जा सकता। कोरोना वायरस से बचाव के लिए कलानौर खंड के गांव तैमूरपुर में सैनिटाइजर का छिड़काव करवाकर ग्रामीणों की सेहत का ख्याल रखा गया है।

रोहतक जिला के सबसे छोटे गांव में विकास की गंगा बहाने के साथ ही गांव की पंचायत ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ कोरोना वायरस जैसी विश्व व्यापी बीमारी में किसी तरह का रिस्क लेना उचित नहीं समझा। सरकार और प्रशासन की ओर से सहायता, सहयोग मिलने के साथ हर काम को प्रमुखता से लेने वाले सरपंच विनोद कुमार मेहरा के मुताबिक इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि गांव, कस्बे या शहर की आबादी कितनी है। हर जगह हर इंसान की जान कीमती है। किसी भी जान को हम खतरे में नहीं डाल सकते। इसलिए पूरे तैमूरपुर गांव में सैनिटाइजर का स्पे्र कराया गया है।

ग्रामीणों को घर में रहने का अनुरोध

अन्य स्थानों की तरह तैमूरपुर गांव में भी सभी ग्रामीणों को सरपंच विनोद कुमार की ओर से घरों में रहने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अनुरोध किया कि हम एक-दूसरे से कुछ दिनों के लिए दूर रहें। साथ ही उन्होंने कहा कि बाहर से किसी को गांव में नहीं आने देने के प्रयास हैं, ताकि इस बीमारी का कोई खतरा पैदा ना हो। ना ही कोई ग्रामीण गांव से बाहर जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को हम सभी को मानना है। यह जरूरी है। देशभक्ति के कई रूप हो सकते हैं। आज घरों में रहना भी एक तरह से देशभक्ति है।