जी का जंजाल बनी रतिया में स्ट्रीट लाईट व्यवस्था

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रतिया, 13 जून 2019 – रतिया में स्ट्रीट लाईट इन दिनों बुरी तरह से चरमराई हुई है। शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों से लेकर गलियों में अधिकांश स्थानों पर स्ट्रीट लाईट की बत्ती गुल है। हालत यह है कि अंधेरे का लाभ उठाकर असामाजिक तत्व अपराधों को अंजाम देकर आराम से निकल जाते हैं। शहरवासियों ने जब स्ट्रीट लाईट को लेकर अधिकारियों के दरवाजे खटखटाए तो जो वाक्या सामने आया चौकांने वाला था। नगर पालिका और बिजली निगम के अधिकारी स्ट्रीट लाईट बंद होने के कारण एक दूसरे पर थोंपते दिखे। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना था कि बिजली निगम ने स्ट्रीट लाईट के बिजली के मीटर अनिवार्य किया था, जिसके लिए उन्होंने अनिवार्य औपचारिकताएंं पूरी कर दी हैं मगर निगम के अधिकारी स्ट्रीट लाईट की बिजली चालू नहीं कर रहे हैं। वहीं बिजली निगम के अधिकारी यहां पल्ला झाड़ते नजर आए। निगम के एसडीओ ने कहा कि बिजली मीटर लगाने के लिए एस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों के पास गया है यह एक प्रक्रिया है जो अपने हिसाब से पूरी होगी मगर स्ट्रीट लाईंटे निगम की ओर से बंद नहीं की गई हैं हो सकता है कि जो स्ट्रीट लाईट नहीं जल रही हैं वो खराब हों, खराब लाईटों को बदलने एवं उनकी मरम्मत करना नगर पालिका का काम है बिजली निगम का नहीं। बहरहाल स्ट्रीट लाईट न जगने के पीछे वजह भले कोई भी रही हो, मगर खामियाजा आम आदमी को उठाना पड़ रहा है। शाम होते ही पूरा रतिया इलाक अंधेरे में डूब जाता है और फिर असामाजिक तत्व अंधेरे का लाभ उठा तरह तरह की वारदातों को अंजाम देना शुरु कर देते है। इलाके में बड़़ी संख्या में नशा करने वाले युवा भी अंधेरे का लाभ उठाकर सार्वजनिक स्थानों पर बड़े ही आराम नशे का सेवन करते नजर आते हैं। इस प्रकार के मामले कई बार सामने आ चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रतिया में स्ट्रीट लाईट ठीक करवाई जाए।