निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी को लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई

362

nirankari

 

दिल्ली, 8 अगस्त, 2018: निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी महाराज को आज यहाँ लाखों श्रद्धालु भक्तों द्वारा अत्यंत भक्ति भाव से विदाई दी गई। उनकी अंतिम यात्रा प्रातः9.30 बजे बुराड़ी रोड स्थित ग्राउंड नं.8 से प्रारंभ र्हुइ और दोपहर लगभग 1.00 बजे निगम बोध घाट पर पहुंची।

अंतिम यात्रा ने वास्तव में एक शोभा यात्रा का ही रूप धारण कर लिया। माता जी का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित एक खुले वाहन पर रखा गया जिस पर सदगुरु माता सुदीक्षा जी तथा उनकी दोनों बहने एवं गुरु परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे।

 

 

nirankari

 

इससे पहले सदगुरु माता सुदीक्षा जी तथा माता सविंदर हरदेव जी की दो अन्य सुपुत्रियों ने शाल भेंट करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये। समस्त साध संगत की ओर से संत निरंकारी मंडल के अध्यक्ष श्री गोबिन्द सिंह जी तथा अन्य प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूषों ने भी शाल तथा फूलों के गुलदस्ते भेंट करके अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इनमें बहुत से महापुरूष दूर-देशों से आए थे।

लगभग 10 किलोमीटर लम्बी इस यात्रा में संत निरंकारी मिशन की परंपराओं के अनुसार सबसे आगे भारत तथा दूरदेशों के सेवादल सदस्य और उनके पीछे देश तथा दूरदेशों से आये हुए प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूष सफेद दुपट्टा पहन कर चल रहे थे। रास्ते में सड़कों के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने खड़े होकर माता सविंदर हरदेव जी महाराज को स्नेहपूर्वक विदाई दी। अंतिम संस्कार की औप चारिकता सदगुरु माता सुदीक्षा जी तथा गुरु परिवार के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में माता जी की बड़ी सुपुत्री समता जी के बेटे हार्दिक जी ने निभाई।

 

 

nirankari

 

माता सविंदर हरदेव जी महाराज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे परंतु उन्होंने इसे मिशन की गतिविधियों में बाधा का कारण बनने नहीं दिया। उन्होंने दो वर्ष से भी अधिक संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सद्गुरु के रूप में मार्गदर्शन किया और 16 जुलाई, 2018 को अपनी सबसे छोटी सुपुत्री सुदीक्षा जी को मिशन की बागडोर सौंप दी। औप चारिक समारोह 17 जुलाई, 2018 को सम्पन्न हुआ जिसमें देश तथा दूर देशों से आये लाखों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इसके पश्चात माता जी का स्वास्थ्य और कमजोर होता गया और वे 5 अगस्त, 2018 को लगभग सायं 5.15 बजे नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गये। उसी शाम से उनके शरीर को ग्राउंड नं. 8 में अंतिम दर्शनों के लिये रखा गया और यह कार्यक्रम आज सुबह तक चलता रहा। अनुमान है कि दिन-रात दर्शन करने वालों की संख्या पांच लाख से भी अधिक रही।
आज निगम बोध घाट पर भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण मंत्री श्री हर्षवर्धन ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।

माता सविंदर हरदेव जी के जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिये संत निरंकारी मिशन की ओर से प्ररेणा दिवस भी आज ही मनाया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज कर रहे हैं।