एसजीटी विश्वविद्यालय के कम्यूनिटी एक्शन ग्रुप की पहल, ग्रामीण महिलाओं को ड्राई फ्लावर टेक्नोलॉजी की दी ट्रेनिंग

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गुरुग्राम, 11 जुलाई 2019। ड्राई फ्लावर टेक्नोलॉजी के द्वारा उपयोग किए गए फूलों को सुखाकर उससे तरह-तरह की चीजें बनाई जा सकती हैं जो गाँव के लोगों के लिए आमदनी का जरिया बन सकती है। इसी बात के मद्देनजर गुरुग्राम जिले के गाँव खेड़ा खुर्रमपुर में फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज और कम्यूनिटी एक्शन ग्रुप, एसजीटी विश्वविद्यालय के सौजन्य से गत दिवस ड्राई फ्लावर टेक्नोलॉजी पर एकदिवसीय ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन गाँव के सरपंच श्री रामनिवास ने किया।

 

 

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इस अवसर फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूजा पंत ने ड्राई फ्लावर टेक्नोलॉजी को विस्तार से समझाया तथा ग्रामीण महिलाओं को बताया कि किस तरह वे इस तकनीक को सीखकर अतिरिक्त कमाई कर सकती हैं।

 

 

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प्रैक्टिकल सेशन में ग्रीटिंग कार्ड, वॉल हैंगिंग, फ्लॉवर कैंडल बनाने के साथ ही कई अन्य चीजें बनाने की तकनीक बताई गई जिसे ग्रामीण महिलाओं ने सहजता से सीखा।

कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के हेड तथा प्रोफेसर और कम्यूनिटी एक्शन ग्रुप के को-ऑर्डिनेटर डॉ. एससी महापात्रा ने एसजीटी विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे ऐसे कई अन्य कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी जिनसे ग्रामीण महिलाएँ लाभान्वित हो सकती हैं। फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डीन प्रो. (डॉ.) केआर डाबर ने ट्रेनिंग में भाग लेनेवाली महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया। ट्रेनिंग कार्यक्रम में 60 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया।

 

 

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कार्यक्रम को आयोजित करने में, डॉ. मोहिन्दर सिंह, डॉ. गोविंद भट्ट, डॉ. प्रियंका, सुश्री मनीषा, डॉ. वतस्ला, डॉ. विद्यावती, डॉ. शुभम, डॉ. सचिन, डॉ. मोहित की उल्लेखनीय भूमिका रही।

इसी तरह का एक अन्य ट्रेनिंग कार्यक्रम फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज और कम्यूनिटी एक्शन ग्रुप, एसजीटी विश्वविद्यालय द्वारा गाँव मुबारिकपुर में आयोजित किया गया जिसमें 90 ग्रामीण महिलाओं को ड्राई फ्लावर टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण दिया गया।