सत्यवंती इन्सां ने मरणोपरांत मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया अपना शरीर

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satyavanti insan

 

सरसा, 12 जुलाई 2019। लेकर कहां कुछ वापिस जाना ये शरीर भी दान है…ये कोई जुमला नहीं बल्कि हकीकत है मानवता भलाई के सिरमौर सर्व धर्म संगम डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु की। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए डेरा अनुयायी जीते जी तो मानवता भलाई के लिए आगे रहते ही हैं, लेकिन मरने के बाद इंसानियत के लिए ऐसी मिसाल पेश कर जाते हैं कि हर कोई उन्हें सलाम करता है। ऐसा ही कर कर दिखाया है एमएसजी कम्प्लैक्स निवासी सत्यावंती इन्सां ने जिसने मरणोपरांत मेडिकल रिसर्च के लिए अपना शरीर दान किया। उनकी आयु 80 वर्ष थी, जिनकी गत दिवस बीमार रहने के बाद निधन हो गया था। उनके पुत्र नवनीत मेहता इन्सां व भूषण मेहता इन्सां ने बताया कि उनकी माता ने जीते-जी डेरा सच्चा सौदा में शरीर दान करने का फार्म भरा हुआ था। उनकी इसी इच्छा को पूरी करते हुए उनका पार्थिव शरीर रिसर्च के लिए नेशनल कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक एंड हॉस्पिटल बरवाला (हिसार) भेजा गया। जीते जी भी सत्यवंती इन्सां मानवता भलाई कायों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती थी। | मरणोपरांत भी सत्यावंती इन्सां ने मृतक देह दान कर मानवता पर परोपकार किया।

वहीं उनकी अर्थी को उनकी बेटी मनसा देवी, दयावंती व पुत्र वधु प्रवीन कुमारी, जयंती ने कन्धा देकर समाज को बेटा-बेटी के भेदभाव को मिटाने का संदेश दिया। पूज्य गुरु जी द्वारा चलाई गई इस रीत को देखकर गाँव के लोग हैरान थे। इस मौके पर हरियाणा राज्य के 45 मैंबर सतपाल इन्सां, सुरेश इन्सां, भवनेश इन्सां, राकेश इन्सां, दीवान चंद इन्सां, साध संगत राजनीतिक विंग के सदस्य साधू राम इन्सां, पवन इन्सां, राम स्वरूप इन्सां भंगीदास, भोला राम इन्सां, जितेन्द्र इन्सां, खुशहाल इन्सां, सतीश इन्सां, रोशन लाल इन्सां, राधा कृष्ण मेहता इन्सां, रतिया ब्लॉक के जिम्मेवार व सेवादार, एमएसजी कंप्लैक्स के जिम्मेवार-सेवादार व बड़ी संख्या में ब्लॉक की साध-संगत व शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार मौजूद थे।

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