लाखों की तादाद में पहुँच कर साध संगत ने मनाया साईं शाह मस्ताना जी महाराज का पावन अवतार दिवस

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Shah Mastana Ji

 

सिरसा, 12 नवंबर 2019। डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज का 128वां पावन अवतार दिवस पर शाह सतनाम जी धाम में असीम आस्था का अद्भूत नजारा देखने को मिला। भारी संख्या में उमड़ी साध-संगत के दृढ़ विश्वास के समक्ष पंडाल सहित सभी इंतजामात छोटे पड़ते दिखाई दिए। एक बजे तक ही सत्संग पंडाल पूरी तरह भर चुका था और भारी संख्या में साध-संगत पंडाल से बाहर भी मौजूद रही। नामचर्चा की समाप्ति तक साध-संगत का आना अनवरत जारी रहा।

 

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इस पावन अवसर पर मंगलवार को शाह सतनाम जी धाम में बड़े स्तर पर नामचर्चा का आयोजन हुआ। नामचर्चा की शुरूआत में सत्संग पंडाल में सजी साध-संगत ने ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा के पवित्र नारे के साथ पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज को पावन अवतार दिवस की बधाई दी। समूचा पंडाल पवित्र नारे के ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात कविराज भाइयों ने भक्तिमय भजनों के माध्यम से सतगुरु की महिमा का गुणगान किया।

 

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तदोपरांत पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की एक रिकॉर्डिड वीडियो चलाई गई, जिसमें पूज्य गुरु जी ने बेपरवाह साईं मस्ताना जी महाराज के पवित्र जीवन और उनके मानवता पर किए गए परोपकारों पर प्रकाश डाला। पूज्य गुरु जी के रिकॉर्डिड वचनों को बड़ी-बड़ी स्क्रीनों के माध्यम से पंडाल में खचाखच भरी साध-संगत ने तन्मय होकर सुना।

 

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इस अवसर पर पूज्य गुरु जी द्वारा शुरू की गई बेटी से वंश चलाने की मुहिम ‘कुल का क्राऊन के तहत एक शादी संपन्न हुई। वहीं दिव्यांगजनों (विकलांगों) को 12 ट्राइसाइकिलें, जरूरतमंद महिलाओं को 15 सिलाई मशीनें और आशियाना मुहिम के तहत साध-संगत द्वारा बनाए गए चार मकानों की चाबियां पात्र परिवारों को सौंपी गई। इसके अलावा डेरा सच्चा सौदा के मर्यादानुसार दिलजोड़ मामला पहनाकर 15 युगल विवाह बंधन में बंधे। नामचर्चा में भारी संख्या में उमड़ी साध-संगत को कुछ ही मिनटों में प्रशाद और लंगर भोजन खिलाया गया।

 

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उल्लेखनीय है कि पूज्य साई शाह मस्ताना जी महाराज ने सन् 1891 में कार्तिक की पूर्णमासी के दिन गाँव कोटड़ा, तहसील गंधेय जिला बिलोचिस्तान (वर्तमान में पाकिस्तान में है) में पूज्य पिता पिल्लामल व पूज्य माता तुलसा बाई के घर अवतार धारण किया। आपजी ने 29 अप्रैल 1948 में डेरा सच्चा सौदा की नींव रखी।

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