शिक्षक से राजनीति के शिखर तक पहुंचे ओमप्रकाश धनखड़: बोधराज सीकरी

273

गुरुग्राम,19 जुलाई 2020 (मनप्रीत कौर ) इतिहास खुद जवाब होता है, उसका जवाब नहीं होता। मिट्टी की गोद में उतरे बिना कोई गुलाब नहीं होता। तिल-तिल कर खुद को जलाना पड़ता है, महज मुट्ठियां बांधने से इंकलाब नहीं होता। ऐसे ही हरियाणा की मिट्टी के लाल ओमप्रकाश धनखड़ ने जमीन से जुड़कर सदा काम किया। शिद्दत के साथ पहले शिक्षक की भूमिका निभाई और जब राजनीति में कदम रखा तो राजनीति के शिखर तक भी पहुंचे। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें व्यक्तिगत तौर पर राजनीति में आगे रखते हैं।
ओमप्रकाश धनखड़ को बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने पर गुरुग्राम के उद्योगपति एवं वरिष्ठ नेता बोधराज सीकरी ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय पद को सुशोभित कर चुके ओमप्रकाश धनखड़ को प्रदेश अध्यक्ष चुनकर पार्टी ने अच्छा काम किया है। वे लंबे समय से राजनीति में हैं। सत्ता से दूर भले ही हरियाणा में पार्टी पहले रही हो, लेकिन जमीनी राजनीति के तौर पर ओमप्रकाश धनखड़ सदा जुड़े रहे। जीवन में प्रोफेशनल तौर पर उनकी शुरुआत शिक्षक से हुई। वे भिवानी में 11 साल तक भूगोल विषय के लेक्चरर रहे। शिक्षक के साथ-साथ वे वर्ष 1978 में आरएसएस से जुड़े और काम करना शुरू कर दिया। समाजसेवा सदा इनके एजेंडे में रही। वर्ष 1980 से 1996 तक एबीवीपी में सेवाएं दी। इसके बाद स्वदेशी जागरण मंच आंदोलन से खुद को जोड़ा। लिंगानुपात की चिंता करते हुए उन्होंने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया। आरएसएस में 18 साल तक सेवाएं देने के बाद 1996 में बीजेपी में शामिल हो राजनीति में सक्रिय हो गए। वे पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं। किसानों के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाने वाले वे पहले ऐसे नेता हैं, जिन्होंने वर्षों तक इन मुद्दों को जिंदा रखा है। कांग्रेस की यूपीए सरकार में आंदोलन चलाए। बोधराज सीकरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लिए लोह संग्रहण से भी वे जुड़े। उन्हें आयरन कलेक्शन कारपोरेशन कमेटी में नेशनल कॉर्डिनेटर नियुक्त किया गया था।