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पूरे पाकिस्तान को करेंगे ठप्प, मौलाना की ऐलान

पाकिस्तान

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इस्लामाबाद में इस वक्त आजादी मार्च के हजारों प्रदर्शनकारी 31 अक्टूबर से जमे हुए हैं। मौलाना फजलुर रहमान जहां पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान के इस्तीफे, देश में नया चुनाव और एनआरओ (नेशनल रेकन्सिलिएशन आर्डिनेंस) पर अड़े हैं, वहीं सरकार ने इन मांगों को खारिज कर दिया है।

फजलुर रहमान ने कहा कि कि इस्लामाबाद में प्रदर्शन उनके प्लान-A का हिस्सा था , उनके पास अभी भी प्लान-B और C बाकी है। उन्होंने कहा कि वे सोमवार को विपक्ष के नेताओं से मुलाकात करेंगे फिर तय करेंगे कि उन्हें इस्लामाबाद में ही प्रदर्शन करना है या फिर देश के दूसरे शहरों में भी प्रदर्शन को ले जाना है। मौलाना फजलुर रहमान के इस ऐलान के साथ ही इमरान सरकार पर दबाव और भी बढ़ गया है।

समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान सरकार उन पर विद्रोह के आरोप में मामला दायर करेगी। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्री परवेज खट्टक ने शनिवार को कहा कि सरकार ने उलमा-ए-इस्लाम संगठन के प्रमुख मौलाना फजलुर पर विद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान और सरकारी संस्थानों के खिलाफ लोगों को भड़काने का काम किया है। इन्‍हीं आरोपों में मौलाना पर मुकदमा दायर किया जाएगा।

उलमा-ए-इस्लाम संगठन के प्रमुख मौलाना ने यह भी कहा था कि जनता प्रधानमंत्री को उनके आवास में घुसकर बंदी बना सकती है। उन्हें इस्तीफा देने के लिए विवश कर सकती है। इस बयान पर रक्षा मंत्री ने कहा, ‘इस तरह का एलान लोगों को भड़काने और विद्रोह करने वाला कृत्य है। सरकार आजादी मार्च से डरी नहीं है, लेकिन सरकारी संस्थानों की छवि खराब करने को लेकर विपक्षी नेताओं के भाषण दुर्भाग्यपूर्ण हैं।’