साजिश के तहत महेन्द्रपाल सिंह बिट्टू की हुई जेल में हत्या, आरोपी रिमांड पर

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mahender pal singh bittu

 

कोटकपूरा, 24 जून 2019 – डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत व 45 मैंबर समिति ने महेन्द्र पाल बिट्ट की मृत देह का अंतिम संस्कार सरकार द्वारा मांगें माने तक रोक दिया है। साध-संगत ने बिट्टू की हत्या के पीछे साजिश को बेनकाब करने व डेरा श्रद्धालुओं पर दर्ज बेअदबी के मामलों को झूठे करार देते हुए रद्द करने की मांग की है। कल सुबह महेन्द्र पाल बिट्टू की मृत देह को नाभा में पोस्टमार्टम करने के बाद नामचर्चा घर कोटकपूरा में लाया गया।

महेन्द्रपाल बिट्टू के बेटे रमिन्द्र ने आरोप लगाया है कि उसके पिता की नाभा जेल में हत्या एक साजिश के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि उसके पिता की जमानत पर अदालत में सुनवाई 16 जुलाई को होनी थी व उन्हें बड़ी उम्मीद थी कि अदालत से जमानत मिल जाएगी। रमिन्द्र ने कहा कि जमानत मिलने की उम्मीद के कारण उसके पिता की एक सोची समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। उसने यह भी कहा कि पुलिस के कुछ कर्मचारी उसके पिता को जेल में जाकर जमानत याचिका दायर न करने की भी धमकियां देते थे। बिट्टू पर दर्ज बेअदबी मामलों पर उसने कहा कि उसके पिता श्री गुरु ग्रन्थ साहिब में अथाह श्रद्धा रखते थे व किसी भी धर्म के पवित्र ग्रन्थ की बेअदबी करना तो दूर वह सोच भी नहीं सकते थे। रमिन्द्र ने कहा कि उसके पिता डेरा सच्चा सौदा की पावन शिक्षाओं पर जरूरतमंदों की मदद करने, पौधे रोपित करने, रक्तदान करने जैसे मानवता भलाई के कार्यों में बढ़चढ़ कर भाग लेते थे। उसने कहा कि हमारी सरकार से यह मांग है कि हत्या की साजिश को जल्द ही बेनकाब किया जाए व उनके पिता पर दर्ज बेअदबी के झूठे मामले रद्द किए जाएं।

डेरा श्रद्धालु महेन्द्रपाल सिंह बिट्टू के हत्या मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को माननीय ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट पटियाला की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों को चार दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। गौरतलब है कि नाभा जेल के अधिकारियों की शिकायत पर हवालाती मनिंदर पुत्र हरबंस सिंह निवासी फतेहगढ़ साहिब व गुरसेवक पुत्र संसार सिंह निवासी मोहाली के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 34 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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