भारत सरकार के आगरा के सिविल एन्क्लेव को बेचने के प्रयास पर की गई सांकेतिक हड़ताल

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civil enclave

 

आगरा, 1 अक्टूबर 2019 (नवनीश रौतेला)। आगरा पर्यटन सत्र शुरू हो चुका है, तमाम नकारात्‍मकताओं के बावजूद इस बार भी बडी संख्‍या में देसी और वि‍देशी पर्यटन बडी संख्‍या में आगरा आयेंगे कि‍न्‍तु एयरकननैक्‍टवि‍टी को उसके पयर्टन प्रधानता स्‍वरूप के अनुरूप करने के लि‍ये जहां एक ओर प्रयास चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मौजूदा सि‍वि‍ल एन्‍कलेव कि‍तने दि‍न आप्रेटि‍ड रह सकेगा इस पर भी सवालि‍या नि‍शान लगना शुरू हो गया है।

26 सितम्बर को सि‍वि‍ल एयरपोर्ट स्‍टाफ के द्वारा की गयी सांकेति‍क हडताल आने वाले खतरे का स्पष्ट साक्ष्‍य है। जो कि‍ सि‍वि‍ल एयरपोर्टो को प्राइवेट कंपनि‍यों को सुपुर्द कि‍ये जाने की नि‍ति‍ के वि‍रुद्ध की गयी थी।

 

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सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा ने एयरपोर्ट अथार्टी के सेवाकर्मि‍यों की सांकेति‍क हडताल के माध्‍यम से व्‍यक्‍त की गयी चिंता से एक जुटता व्यक्त करती है और मानती है कि आगरा एयरपोर्ट जैसे रखात्‍मक दृष्‍टि‍ से अत्यंत संवेदनशील लोकेशनो पर स्थित एयरबेसों के सम्बन्ध मे जब तक रक्षा मंत्रालय अपनी नीति‍ स्पष्ट ना कर दे तब तक इन्हें नि‍जि ‍क्षेत्र के कि‍सी भी संचालक को बेचे जाने की प्रक्रि‍या से बाहर ही रखा जाये।

दरअसल आगरा का सि‍वि‍ल एन्क्लेव एक दम ठेठ, वायुसेना के खेरि‍या एयरपोर्ट‍ उस अति‍ महत्‍वपूर्ण क्षेत्र में है जो कि‍ सामरि‍क दृष्‍टि‍ से अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है। अब तक की प्रचलि‍त नीति‍ के अनुसार इस प्रकार के रक्षा क्षेत्र में प्राईवेट या गैर सरकारी दखल या दाखि‍ल को पसंद नहीं कि‍या जाता।

अत: उपयुक्त होगा कि‍ मौजूदा सि‍विल एन्‍कलेव को सरकार अपनी वि‍नेश नीति‍ से अलग रखे। वैसे भी अगर आगरा का सि‍वि‍ल एकलेव अगर बेच भी लि‍या जाता है तो उससे प्राप्त धन का भारत सरकार की फाइव ट्रि‍लि‍यन इकनामी को जुटाये जा रहे धन में कोयी खास योगदान नहीं होगा। वहीं वायुसेना भी कि‍सी प्राईवेट आप्रेटर को अपने परि‍सर में सेवाओं के विस्तार को शायद ही अनुमति‍ दे। इस प्रकार उपरोक्ष रूप से आगरा में सि‍वि‍ल एवि‍येशन सैक्‍टर के वि‍कास का काम पूरी तरह से भावी संभावनाओं से शून्‍य हो जायेगा।

 

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इस अवसर पर यह भी स्मरण करवाना चाहते हैं कि‍ केन्‍द्र सरकार की आगरा को लेकर रही नीति के बारे तो पहले से ही सबको मालूम है कि‍ प्रधानमंत्री जैसे संघीय ढांचे के प्रमुख को भी आगरा को इंटरनशनल एयरपोर्ट देने के अपने वायदे से मुकर जाना पडा, उनसे भी कही आगरा हि‍त वि‍रोधी नीति प्रदेश में सत्तारूढ़ मौजूदा सरकार की है। जो जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट को लेकर जहां पूरी तरह से सक्रि‍य है और पब्‍लि‍क फंड से जमकर नि‍वेश करवा रही है, वहीं आगरा के सि‍वि‍ल एन्‍कलेव के प्रस्ताव को लगभग भूलाये बैठी है। सरकार को इस तथ्य को भी नजर अंदाज करती हुई लगती है कि‍ आगरा के सि‍वि‍ल एन्क्लेव का नाम पं दीन दयाल उपाध्‍याय रख देने के बाद आगे के लि‍ये उसकी कोई जिम्मेवारी है ?

प्रेस कांफ्रेंस को श्री शिरोमणि सिंह, अनिल शर्मा, श्री राजीव सक्सेना, श्री भुवनेश श्रोतिया आदि ने संबोधित किया।