अगर पंजाब चंडीगढ़ को छोड़ दे तो हरियाणा भी छोड़ देगा : खट्टर

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जींद, 11 फरवरी 2019 (अनिल कुमार) – जींद में मुख्यमंत्री मनोहरलाल जींद उप चुनाव में भाजपा की जीत से इतने उत्साहित हुए हैं कि रविवार रात उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें पप्पू ही बता डाला। साथ ही मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ को लेकर बड़ी बात कही कि अगर पंजाब चंडीगढ़ को छोड़ता है तो हरियाणा भी चंडीगढ़ छोडऩे के लिए तैयार है।

 

सीएम ने कहा कि वह जींद उप चुनाव की जीत के बाद उत्तर प्रदेश, झारखंड और राजस्थान तथा गुजरात गए। सभी जगह जींद उप चुनाव में भाजपा की जीत के लिए बधाई मिली, लेकिन इससे ज्यादा बधाई इस बात के लिए मिली की जींद में रणदीप सुर्जेवाला को हरा दिया। सीएम ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि पप्पू कुछ भी कर बैठता है। जींद उप चुनाव में भी राहुल गांधी ने कैथल के विधायक रणदीप सुर्जेवाला को कांग्रेस का उम्मीदवार बना दिया। देश के इतिहास में पहली बार किसी विधायक ने विधानसभा का उप चुनाव लड़ा है। रणदीप सुर्जेवाला का नाम लेकर सीएम ने कहा कि मुश्किल से 800 वोट से सुर्जेवाला की जमानत बची। उन्होंने सवाल किया कि क्या कैथल से विधायक की सीट पर कांटे उग आए थे, जो रणदीप सुर्जेवाला जींद उप चुनाव लडऩे के लिए आ गए। वह कैथल का प्रतिनिधित्व भी विधानसभा में नहीं करते। साढ़े 4 साल में महज 7 बार रणदीप सुर्जेवाला हाजिरी लगाने के लिए विधानसभा में पहुंचे हैं।

सीएम मनोहरलाल ने कहा कि उन्होंने सीएम बनते ही प्रदेश में भ्रष्टाचार कीजड़ बने सीएलयू को ही जड़ से मिटा दिया। अब सीएलयू मुख्यमंत्री नहीं विभाग के अफसर देते हैं। पहले सीएलयू में ही सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार होता था। मैरिट पर नौकरियां देने से लेकर कर्मचारियों के ट्रांसफर और दूसरे सभी काम आन लाइन करने को सीएम ने अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। जींद उप चुनाव में जीत के सिलसिले को उन्होंने अब लोकसभा और उसके बाद विधानसभा चुनाव में बनाए रखने का आह्वान पार्टी कार्यकर्ताओं से किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जींद उप चुनाव जीतने के बाद अब उनका सपना जींद का नक्शा बदलने का है। प्रदेश का समान रूप से विकास उनकी सरकार ने करवाया है। अगर उनकी सरकार जींद में विकास के काम नहीं करवाती तो उप चुनाव में जीत नहीं मिलती। इससे पहले जींद के नवनिर्वाचित भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने सीएम से खजाने का मुंह जींद की तरफ खोलने और जींद में विकास के रूके हुए काम तेज गति से पूरा करवाने की मांग की थी।

सीएम ने कहा कि एक राज वह था, जिसमें नौकरियां सोनू और मोनू देते थे। उनका इशारा पूर्ववर्ती भूपेंद्र हुड्डा सरकार के शासन की तरफ था। उन्होंने कहा कि जब भी कोई भर्ती बोर्ड या कमिशन नौकरी का रिजल्ट जारी करने जाता था तो सोनू और मोनू के पास फाइल पहुंचती थी। वह बोर्ड या कमिशन की फाइल अपने पास रखकर खुद तैयार की गई फाइल थमा देते थे। नौकरी के लिए पर्ची चलती थी। पैसा भी खूब चलता था। यह सारा धंधा उन्होंने सीएम बनने के बाद बंद करवा दिया है।

मुख्यमंत्री मनोहरलाल जब पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने मैरिट पर नौकरी देने की बात कर रहे थे, तब सामने बैठे कई दर्जन युवक-युवतियों ने पीजीटी, एसए तथा एलडीसी की भर्ती जल्द करने की मांग को लेकर आवाज उठाई। इन नौकरियों के लिए यह लोग परीक्षा दे चुके हैं। सीएम ने कहा कि कुछ नौकरियां अदालत में अटकी हुई हैं।