प्लाज़्मा के लिए आगें आए, किसी की जान बचाने का मौका हर किसी को नहीं मिलता : अंजलि राही

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गुरुग्राम, 18 जुलाई 2020. समाजसेविका अंजलि राही ने कहा की आजकल हम प्लाज़्मा थैरेपी के बारे में बहुत सुन रहे हैं। वास्तव में प्लाज़्मा थैरेपी का इस्तेमाल काफ़ी सालों से किया जा रहा है। बहुत सारी बीमारियां जो कि संक्रमण के द्वारा होती है, उसके इलाज़ के लिए प्लाज़्मा थैरेपी काफ़ी कारगर साबित हुई हैं।
कोरोना वायरस की कोई दवा या इंजेक्शन न होने के कारण भी प्लाज़्मा थैरेपी द्वारा इस बिमारी का इलाज़ किया जा रहा है। जो भी संक्रमित व्यक्ति इस बिमारी से ठीक हो गया है, वह अपना प्लाज़्मा जरूरतमंद को दे सकता है, ताकि दूसरा व्यक्ति भी ठीक हो जाए। इस थैरेपी में ज्यादा समय भी नही लगता है।
प्लाज़्मा देने का तात्पर्य अपने शरीर से कुछ अंश रक्त का देना होता हैं, जितना कि हम रक्त की जाँच करवाने के समय में देते हैं। अगर आपके थोड़े से रक्त से किसी का इलाज़ हो जाए और उसकी जान बच जाए तो आपसे बड़ा दानवीर कोई भी नहीं है।
मेरी विनती है कि, प्लाज़्मा देने से मना करने से पहले एक बार अपनी बीती सोचना, जब आप कोरोना ग्रसित थे और अगर आपको प्लाज़्मा थैरेपी की जरूरत पड़ जाती और सभी देने से मना कर देतें, तो सिर्फ इस अवस्था को सोचकर जरूरतमंद की मदद करें। आगें आए।