शहीद भगत सिंह के पदचिन्हों पर चलने का बच्चों, बड़ों ने लिया संकल्प

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Shaheed Bhagat Singh

 

गुरुग्राम, 28 सितम्बर 2019। अगर हम सही में देशभक्ति करना चाहते हैं तो आजादी के मतवाले शहीद भगत सिंह के जीवन से प्रेरणा लें। उनके पदचिन्हों पर चलें। समाज और देश से कुछ लेने की बजाय देने की सोच रखें। अगर इस सोच को हमने अपने अंदर आत्मसात कर लिया तो वह भी देशभक्ति होगी। कुछ इस तरह का संदेश यहां सेक्टर-29 के जिमखाना क्लब में दिया गया, जहां शहीद भगत सिंह युवा बिग्रेड की ओर से उनका जन्मदिवस मनाया गया।

इस कार्यक्रम में शहर की कई सामाजिक संस्थाओं, संगठनों से जुड़े लोगों ने शिरकत की। महिला हो या पुरुष, हर किसी की जुबान पर शहीद भगत सिंह के जीवन की बातें थी और उन बातों में युवाओं को मार्गदर्शन करने के लिए प्रेरणा। कार्यक्रम में कैनविन संस्था से जुड़े डीपी गोयल ने कहा कि हम शहीद भगत सिंह की विचारधारा को आगे बढ़ायें। आज ज्यादातर युवा अपने बारे में सोचते हैं। समाज और देश बहुत पीछे है उनकी सोच में। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। जिस तरह से युवाओं में देशभक्ति की भावना खत्म होती जा रही है, वह सही नहीं है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इस देश को हम अपने विचारों से, अपने कर्मों से विश्वगुरू की संज्ञा देते हैं। भारत के अलावा कोई ऐसा देश नहीं, जिसे माता कहा जाता हो। भारत के अलावा कोई ऐसा देश नहीं जहां पर गाय को माता कहा जाता है। हमारा देश संस्कृतियों का देश है, इसे हमें बहुत आगे तक ले जाना है। हमें अपने अंदर देशभक्ति की भावना को जागृत रखना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक हम सामाजिक क्षेत्र के साथ राजनीति का हिस्सा नहीं बनेंगे, तब तक हम आगे नहीं बढ़ पायेंगे।

 

Shaheed Bhagat Singh

 

अत्तर सिंह संधू ने कहा कि जीवन में चाहे जितनी भी तरक्की कर लें, अगर हम अपनी आजादी के मतवालों को भूल गये तो जीवन बेकार है। उन्होंने हमें एक तरह से आजादी दिलाकर जिंदा रहने के अधिकार दिलाये। आजादी का आनंद शहीद नहीं ले पाये, लेकिन ऐसा काम कर गये कि देश सदियां तक उनको नहीं भूल पायेगा।

इसलिए हमें भी अपने जीवन में देशभक्ति, समाजसेवा के क्षेत्र में ऐसा कार्य करने चाहिए, जो कि पीढिय़ां याद रखे। समाजसेवी शम्मी अहलावत ने शहीद भगत सिंह और भारत माता के जयकारे लगवाकर वहां मौजूद बच्चों, युवाओं में देशभक्ति की भावना का संचार किया। मारुति सुजूकी यूनियन के महासचिव कुलदीप जांघू ने भी यहां शहीद भगत ङ्क्षसह के विचारों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि वे राजनीति को एक आंदोलन के रूप में लेकर चल रहे हैं। इस मौके पर सूबेदार बिजेंद्र ठाकरान ने शहीदों को लेकर कई जानकारियां दी। कवयित्री सुरेखा शर्मा, सुनील शर्मा ने गीतों के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सेल्यूट तिरंगा ऑर्गेनाइजेशन की महासचिव मोनिका दलाल ने भी अपने विचार रखे।

मानव आवाज संस्था के संयोजक अधिवक्ता अभय जैन ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने शहीद भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुये कहा कि किशोर अवस्था में भगत सिंह ने आजादी के आंदोलन में छलांग लगाई और आजादी दिलाने में अहम रोल अदा किया। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह के विचारों को हम जानते ज्यादा हैं पर मानते कम हैं। हमारी भावी पीढ़ी को उनके बारे में अध्ययन करना चाहिए, ताकि उन्हें यह पता लग सके कि जिस आजादी की खुली हवा में हम सांस ले रहे हैं, वह इतनी आसानी से नहीं मिली। उन्होंने जलियांवाला बाग से लेकर असेंबली तक का जिक्र किया, जहां पर भगत सिंह ने बम फेंककर यह जता दिया था कि हम कमजोर नहीं हैं।

अन्ना हजारे के आंदोलन को लेकर गुरुग्राम की धरती से आवाज बुलंद करने वाले पीएम कटारिया ने इस मौके पर कहा कि पहले राजनीति समाज हित में होती थी, लेकिन अब राजनीति व्यापार बन गई है। नेता पहले इनवेस्टमेंट करते हैं और बाद में मुनाफा कमाते हैं। उन्होंने शहीद भगत सिंह को लेकर कहा कि हमें उनकी जयंती मनाने तक सीमित नहीं होना है, बल्कि उनके पद्चिन्हों पर चलना है। यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस दौरान दुष्यंत सैनी, दिवाकर मौजूद रहे। छात्रा मानसी ने गीत गाया। यहां पर राष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों पिंकी, आरती, विपिन, चेतन, विकास, विशाल, नवीन, संजू, दीपक, करण शर्मा, देंवेंद्र यादव का भी शाब्दिक सम्मान किया गया।