कृषि प्रधान हरियाणा-औद्योगिकीकरण की ओर अग्रसर

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bodh raj sikri

 

गुरुग्राम, 16 मई 2020। यह विश्व का पहला पैकेज होगा, जिसमें पहली बार किसी सरकार ने जीडीपी का 10 फीसदी का हिस्सा आर्थिक सहायतार्थ देश को उपहार दिया है। उनका फोकस ढांचागत विकास, आर्थिक व्यवस्था, डेमोग्राफी का संतुलन, सिस्टम और डिमांड को नजर में रखते हुए घोषणा की है।

उनका लोकल से वोकल होने के साथ-साथ वोकल से गलोबल का लक्ष्य भी हमें दिया। उनका स्पष्ट संदेश था कि 2021 की सदी भारत की सदी होगी। उसके लिए आत्मनिर्भरता लिखने के लिए बल आत्मनिर्भरता तभी आएगी, जब आत्मबल होगा और आत्मबल आत्मविश्वास से हो सकता है। थकना, टूटना और हारना भारत को मंजूर नहीं। बचना है और बढऩा है। यह तभी संभव है जब हम आत्मनिर्भर का पाठ कंठस्थ करेंगे।

यह आत्मनिर्भर भारत का नया संकल्प है। यह उदासीकरण और विदेशी निवेश के लिए नींव का पत्थर है। अब आएगा भारत का स्वर्णिम काल। आत्मनिर्भरता विकास का ब्लू प्रिंट है। आत्मनिर्भरता और स्वदेशी संकल्प से हारेगा कोरोना। आओ सभी भारतवासी कोरोना रूपी राक्षसी शक्ति को दैविक शक्ति से संहार करें। प्रधानमंत्री का सम्बोधन प्रेरणात्मक और असाधारण है, जो देश के हर नागरिक के मन को छुवेगा और स्वदेशी संस्कार उत्पन कर देश को नई ऊंचाई छूने का सुअवसर प्रदान करेगा। जहां तक हरियाणा प्रांत का प्रश्न है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस पैकेज की आधारशिला पिछले सप्ताह अपने सम्बोधन में रख दी थी। 22 जिलों में अलग-अलग उद्योगों को लगाने का संकेत विशेषकर एग्रो, खाद्य पदार्थों पर बल, लघु, मझले और कुटीर उद्योग का जिक्र उन्होंने कर दिया था। हरियाणा इस सदी में कृषि प्रधान प्रांत के साथ-साथ औद्योगिकीकरण की ओर तेजी से अग्रसर होगा और प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए पैकेज से हरियाणा उद्योग जगत की मजबूत इमारत खड़ी करेगा। देश के मुकाबले हरियाणा बेरोजगारी में बहुत दयनीय स्थान पर है। अत: इस पैकेज से हरियाणा युवा का रोजगार देकर राहत की सांस लेगा।