प्रशासन द्वारा कार्यवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद हुआ महेन्द्रपाल बिट्टू का अंतिम संस्कार

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कोटकपूरा, 25 जून 2019 – प्रशासन द्वारा परिवार व साध-संगत की मांगें स्वीकार करने के आश्वासन के बाद साध संगत महांशहीद महेन्द्रपाल बिट्टू की मृतक देह का अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हुई। प्रशासन ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाने का ऐलान किया, जिसमें एडीजीपी और आईजी रैंक के अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा बेअदबी मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुलझाने का भी ऐलान किया।

प्रशासन के इस आश्वासन के बाद साध-संगत ने महांशहीद महेन्द्रपाल बिटटू का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। साध-संगत के भारी जनसमूह ने महांशहीद महेन्द्रपाल बिट्टू को नम आंखों से अंतिम विदाई थी। फूलों से सजाई महांशहीद की मृतक देह को उनकी बेटी व पुत्रवधू ने कंधा दिया। उनकी पार्थिव देह को नामचर्चा घर कोटकपुरा से शांतिवन तक कई किलोमीटर तक लंबे काफिले के साथ ले जाया गया। रास्ते में लोगों ने फूल बरसाए। महांशहीद महेन्द्रपाल बिट्टू अमर रहे, ‘बिट्टू तेरी सोच ते पैहरा दियांग ठोक के’ के नारे लगाए गए। अंतिम यात्रा में विभिन्न राज्यों से पहुंचे साध संगत के जिम्मेवार, शहर के समाजसेवी संगठन, राजनीतिक लोग भी शामिल हुए। बिट्टू की चिता को उनके बेटे अरमिन्द्र इन्सां ने मुखाग्नि दी।

महांशहीद महेन्द्रपाल बिट्टू के पत्र से कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह दावा उनके पुत्र अरमिन्द्र सिंह ने किया है। उन्होंने इस संबंध में उपायुक्त को महेन्द्रपाल बिट्टू का लिखा हुआ एक पत्र व कुछ दस्तावेज सौंपे। उन्होंने बताया कि मेरे पिता महेन्द्रपाल बिट्टू अदालत में भी कह चुके थे कि एक आईजी स्तर का अधिकारी उन्हें एक साजिश के तहत झूठे मुकदमे में उलझा रहा है। उपायुक्त ने साध-संगत द्वारा दिया गया ज्ञापन पत्र व दस्तावेज सोमवार रात को ही मुख्यमंत्री के पास पहुंचा देने का आश्वासन दिया।

 

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रविवार को महेन्द्रपाल बिट्टू की पार्थिव देह को नाभा से नामचर्चा घर कोटकपूरा लाया गया था। इस घटना के रोषस्वरूप हजारों की संख्या में साध-संगत कोटकपूरा पहुंच गई थी। सोमवार दोपहर तक साध-संगत का आना जारी रहा। परिवार व साध-संगत ने तब तक मृतक का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था जब तक प्रशासन उनकी मांगों को पूरा नहीं करता।

रविवार को प्रशासन व 45 सदस्यीय कमेटी के बीच कई बैठकें हुई, परंतु सहमति नहीं बन सकी। सोमवार सुबह से लेकर शाम तक प्रशासन व डेरा श्रद्धालुओं की 45 सदस्यीय कमेटी के बीच मीटिंगों का दौर चलता रहा। डेरा श्रद्धालुओं की कमेटी में राम सिंह, जगजीत इन्सां, हरचरण सिंह, जतिन्द्र महाशा इन्सां, गुरजीत इन्सां, छिन्द्रपाल इन्सां ने डीसी कुमार सौरव, एसएसपी राजबचन सिंह व अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में प्रशासन व डेरा श्रद्धालुओं के बीच सभी मांगों को लेकर सहमति बनी।

बैठक के बाद उपायुक्त फरीदकोट कुमार सौरव व एसएसपी फरीदकोट राजबचन सिंह अन्य अधिकारियों के साथ कोटकपूरा के नामचर्चा घर में पहुंचे। इस दौरान उपायुक्त कुमार सौरव ने साध संगत को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन डेरा श्रद्धालुओं की सभी मांगों को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है, जिसका नेतृत्व एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर ईश्वर सिंह करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि महेन्द्रपाल बिट्टू के परिवार, जेलों में बंद व जमानत पर आए हुए डेरा श्रद्धालुओं को सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी और इस मामले की निष्पक्षता से जांच करवाई जाएगी। डीसी व एसएसपी ने शांति बनाए रखने के लिए डेरा श्रद्धालुओं व कमेटी के सदस्यों का धन्यवाद किया।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले महेन्द्रपाल बिट्टू की जेल में एक साजिश के तहत हत्या कर दी गई थी। जिस पर डेरा श्रद्धालुओं में भारी रोष है।

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